Wednesday, January 14, 2026

शायद वही मेरी भी....

ना इकरार है, ना कोई कसमें, फिर भी तू दिल कि परिभाषा है, पर जो तूने महसूस किया, शायद वही मेरी भी अभिलाषा है | ना दूर है, ना पास, फिर भी तू दिल के करीब है, तेरी यादों में खुद को पाया, शायद वही मेरी भी तुमसे नज़दीकी है |

ना ख़ुशी है, ना गम, फिर भी तू मुस्कुराहाट का एहसास है, तेरे साथ हर पल खास लगे, शायद वही मेरी भी सुकून कि साथियत है | ना रास्ता है, ना सफर फिर भी मिलन की मीठी-सी आस है, हर ख्वाब तुझसे मिलने की दुआ करे , शायद वही मेरी भी अधूरी-सी मंज़िल है|

ना इश्क़ है, ना यारी है, फिर भी तुझसे दिल कि उम्मीदें सारी है. तेरे होने से दिल का हर लम्हा रोशन हो जाए शायद वही मेरी भी ख्वाईश है....


~●๋•ηινє∂ιтα ραтιℓ ●๋• 
▐ ■ αттιтυ∂є ιѕ α ℓιттℓє тнιηg тнαт мαкєѕ α вιg ∂郃єяєη¢є■▐

No comments:

Post a Comment